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#1
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मुझे माफ़ कर मेरे हम'सफ़र, तुझे चाह'ना मेरे भूल थी, किसि राह पर वो एक नज़र, तुझे देख'ना मेरी भूल थी.... कोइ नज़्म हो या कोइ गज़ल, कहीं रात हो या कहीं शहर, वो गलि गलि वो शहर शहर, तुझे ढूढ्ना मेरी भूल थी.... मेरे गम की कोई दवा नहीं, मुझे तुझ'से कोई गिला नहीं, मेरा कोई तेरे सिवा नहीं, ये सोच'ना मेरी भूल थी....... |
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| ये न थी हमारी किस्मत | just_asim | Intoxicated Shayari | 0 | 02-28-2007 05:36 AM |