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#1
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तुम'को जान'ते नहीं, पर चाहते हैं हम दिन भर खोज'ते नहीं, पर सोच'ते हैं हम तुम्हारे दिल में रह'ते नहीं, पर तुम्हारे हैं हम तुम'को शायद पायेगें नहीं, पर अप'नायेगें हम जीवन मैं शायद कभी मिल न पाओ, बस बिछड जाओगे तुम शायद हमारे न बन पाओ, पर मुस्कुरओगे तुम रात अन्धेरी होगी, फिर-भी झिल'मिलाओगे तुम हमें और कोई नही, बस याद आओगे तुम |
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| तुम्हे भूल'ने में शायद हमें जमाना लगे | just_asim | Romantic Shayari | 0 | 02-28-2007 04:57 AM |