![]() |
|
#1
|
|||
|
|||
|
दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटानेवाले मैं ने देखे हैं कई रंग बदलनेवाले तुमने चुप रहकर सितम और भी ढाया मुझ पर तुमसे अच्छे हैं मेरे हाल पे हंसनेवाले |
![]() |
| Thread Tools | Search this Thread |
| Display Modes | |
|
|
Similar Threads
|
||||
| Thread | Thread Starter | Forum | Replies | Last Post |
| दोस्त बन के मिले मुझको मिटानेवाले | just_asim | Funny Shayari | 2 | 04-07-2011 03:34 AM |
| बस रात भर के मेहमान हम है | just_asim | Intoxicated Shayari | 0 | 02-28-2007 05:33 AM |