इश्क़ ग़ज़ल, ये ताजमहल देखो हमें याद दिलाता है

इश्क़ ग़ज़ल, ये ताजमहल देखो हमें याद दिलाता है…

Copy Ghazal

ये ताजमहल देखो हमें याद दिलाता है
होती है क्या मुहब्बत ये सबको बताता है

लिखी है इसमे देखो दास्ताने मुहब्बत की
होती है कैसे देखो इबादत ये मुहब्बत की

ये बेजुवॉ है पर कहानी ये सुनाता है
होती है क्या मुहब्बत ये सबको बताता है

चाहा था उसने कितना कितनी मुहब्बत की थी
अपने प्यार की निषानी सारे जहॉ को दी थी

सच्ची मुहब्बत क्या है ये हमको सिखाता है
होती है क्या मुहब्बत ये सबको बताता है

है कितनी खूबसूरत संगमरमर की इमारत
इसमे की थी उसने मुमताज की इबादत

सदियों रहेगी याद अहसास कराता है
होती है क्या मुहब्बत ये सबको बताता है

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दिल शायरी, आज फिर हद से

दिल शायरी, आज फिर हद से…

Copy Love Shayari

आज फिर हद से गुज़र जाने को दिल करता है
आगोश में उनके टूट कर बिखर जाने को दिल करता है
लाख दुशमन है जमाना तो अब डरना कैसा
अब ऐसे ही तेरी बाहों में मर जाने को दिल करता है।

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ग़ज़ल-ऐ-शराब

ग़ज़ल-ऐ-शराब

Copy Sharab Shayari

एक शराब की कहानी है ये
एक शराबी की जुबानी है ये

पीता है वो सुबह-शाम जी भर के
एक शराबी की ईमानदारी है ये

सुकून देती है ये बहुत दिल में जाने के बाद
एक शराबी की मन की मानी है ये

क्यों कोसते है अक्सर सभी इसको दुनिया में
एक शराबी की दिलबर जानी है ये

बहुत हँसीन पल हो जाते है इसको पीने के बाद
एक शराबी ने खुले-आम बात मानी है ये

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