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दिल शायरी, आज फिर हद से

दिल शायरी, आज फिर हद से…

Copy Love Shayari

आज फिर हद से गुज़र जाने को दिल करता है
आगोश में उनके टूट कर बिखर जाने को दिल करता है
लाख दुशमन है जमाना तो अब डरना कैसा
अब ऐसे ही तेरी बाहों में मर जाने को दिल करता है।

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