ये मेरी जिन्दगी इतनी उदास क्यों है

ये मेरी जिन्दगी इतनी उदास क्यों है…

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ये मेरी जिन्दगी इतनी उदास क्यों है,
गमों के सिलसिले ही मेरे पास क्यों है।

जी भर के देखा है इन आँखों ने सपनो को,
न जाने फिर भी नज़रों में प्यास क्यों है।

जो चाहता हॅू मै वो मिलता नहीं मुझे,
किसी की चाहतो की दिल में आंस क्यों है।

जो ले जाते है मुझे ग़म के अन्धेरों में,
फिर भी हम उनके ही साथ क्यों है।

डूबा हुआ हूँ मैं यादों के समन्दर में,
लब सूखे हुए है खाली गिलास क्यों है।

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