ADVERTISEMENT
तन्हाइयों से भरी

तन्हाइयों से भरी

Copy Ghazal

तन्हाइयों से भरी ज़िन्दगी है
और दिल मेरा वीरान है

चाहत भी क्या चाहत है उसकी
वो बेवफा बहुत महान है

मोहोब्बत लव्ज़ यूँ तो बफ दिखाती है
मगर ये भी बेवफाई से थोड़ी अनजान है

सब कुछ लुटा देते है लोग इस के कारण
इसलिए भी चाहत इसका नाम है

क्यों जलते हो तुम सब मुझ से
जिसका नाम है इस में वही तो बदनाम है

मिले अगर तन्हाई और गम तो अचरज न करना
के यही तो एक हसीन मोहोब्बत का अंजाम है

क्या हुआ जो उस ने तुमको ठुकरा दिया
और क्यों ले रखा तुमने अपने हाथों में जाम है

सुबह शाम, दिन रात बस मेहबूब को सोचना
बस एक यही इस इश्क़ का काम है

 ~
ADVERTISEMENT

Add a Comment

SPONSORED POSTS
loading...