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मेरी किस्मत मुझे ले कर जायेगी कहाँ

मेरी किस्मत मुझे ले कर जायेगी कहाँ…

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मेरी किस्मत मुझे ले कर जायेगी कहाँ, हर वक्त मैं यही सोचता रहा।

ऐसे ही कट जायेगी जिन्दगी यहाँ-वहाँ, हर वक्त मैं यही सोचता रहा।

न हमदर्दी दिलों में न बची इंसानियत, कैसे है लोग यहाँ पर,
कैसा है ये जहां, हर वक्त मैं यही सोचता रहा।

कही तो होगी कभी तो मिलेगी, मै ढूँढता रहा,
न मुझे मंजिल मिली न मंजिल के निशां, हर वक्त मैं यही सोचता रहा।

वो बचपन जवानी में खुशियों की बारिश,
मेरी वो जिन्दगी अब मिलेगी कहा हर वक्त मैं यही सोचता रहा।।

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