जब टूटता है दिल वीरान होता है

जब टूटता है दिल वीरान होता है…

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प्यार करने का यही अंजाम होता है,
जब टूटता है दिल वीरान होता है।

दिल टूटने की सज़ा मिलती है दिल को,
फिर भी दिल ही बदनाम होता है।

लगती है चोट दिल पे तो ज़ख्म होते है,
क्या प्यार करने का यही इनाम होता है।

भटकती है निगाहें उनके दीदार के लिए,
न दिल में चैन सुकून न आराम होता है।

न जाने कौन सी घड़ी में दिल लगाया था,
वक्त पे देखो ये कैसा इल्जाम होता है।

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