हिंदी में ग़ज़ल, ऐ रब हमपे बस इतना करम कर दे

हिंदी में ग़ज़ल, ऐ रब हमपे बस इतना करम कर दे…

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ऐ रब हम पे बस इतना करम कर दे,
मेरे गमों में से कुछ गम कम कर दे।

न रहे मुझे कोई भी शिकवा ज़माने से,
सख्त दिलों को थोड़ा तू नरम कर दे।

रोशन हो जिन्दगी मेरी सारे ज़माने में,
मेरे चारों तरफ अन्धेरा है इसे कम कर दे।

सुना है तू सबका इम्तिहान लेता है,
कही टूट न जाऊ थोड़ा करम कर दे।

अपने पराये है या पराये है अपने,
कशमकश जिन्दगी की अब तो खत्म कर दे।

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