Hindi Ghazal, आ कर न जाते परेशानी न होती

Hindi Ghazal, आ कर न जाते परेशानी न होती…

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मेरी जिन्दगी यू बेमानी न होती,
आ कर न जाते परेशानी न होती।

न हम प्यार करते न दिल में बसाते,
ऐसे वीरान मेरी जिन्दगानी न होती।

मेरी ख्वाहिशें यू ही न दम तोड़ देती,
दिल की दिल में रहती जुबानी न होती।

न हम दिल लगाते न लोग जान पाते,
जग में मशहूर अपनी कहानी न होती।

सबकुछ न देते कुछ बचा के भी रखते,
इतनी तन्हा कभी ये जवानी न होती।

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