एक नज़र में ही हमारा काम कर गये

एक नज़र में ही हमारा काम कर गये…

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एक नज़र में ही हमारा काम कर गये,
दे कर अपना दिल हमारे नाम कर गये।

हम खोये रहे तेरे मसब्बुर में इस कदर,
कब सुबह हुई कब शाम कर गये।

हम छुपाते रहे अपने राजे मुहब्बत को,
वो मेरी मोहब्बत को आम कर गये।

आते न पास वो तो हम कब के मर गये होते,
मेरी जिन्दगी पे वो एहसान कर गये।

जिनके लिए हम तड़पते रहे रात-दिन,
वो मेहमान बन के दिल में आराम कर गये।

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