आये वो जिन्दगी में आ कर चले गये

आये वो जिन्दगी में आ कर चले गये…

Copy Ghazal

आये वो जिन्दगी में आ कर चले गये,
जैसे आंसमा पे बादल छा कर चले गये।

जीना भी साथ तेरे मरना भी साथ तेरे,
वो तो हज़ार कसमें खा कर चले गये।

जिन्दगी में ख्वाब तो देखे थे लाखों हमनें,
टूटे वो ख्वाब मेरे भुला कर चले गये।

दिल के करीब थे जो मेरा नसीब थे जो,
दूरियां वो दिल में बना कर चले गये।

आरज़ू थी दिल में ‘असद’ दिल में रह गयी,
आयना वो दिल को दिखा कर चले गये।

 ~

Add a Comment