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तुम्हारे लिए मेरी चाहत

तुम्हारे लिए मेरी चाहत…

Copy Bewafa Shayari

तुम्हारे लिए मेरी चाहत कभी कम न होती,
अगर तू इतनी संगदिल और बेरहम न होती।
तुम्हे अपने दिल में रखता और दिल में सजाता,
अगर तेरे झूठे वादे और झूठी कसम न होती।।

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