मोहोब्बत का तकाज़ा

मोहोब्बत का तकाज़ा…

Copy Bewafa Shayari

मोहोब्बत का तकाज़ा तो खूब करते हो तुम
लेकिन इसका फलसवा तुमको मालूम नहीं
जानते हो तुम बस हाथ में हाथ डालना
लेकिन कदम से कदम मिला कर चलना तुम्हे मालूम नहीं

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