हिंदी बेवफ़ा शायरी, तेरे सुर्ख होंठों

हिंदी बेवफ़ा शायरी, तेरे सुर्ख होंठों…

Copy Bewafa Shayari

तेरे सुर्ख होंठों पर ये लाली अच्छी नहीं लगती
तेरे हांथों में ये प्याली अच्छी नहीं लगती
ए बेवफा मत बदल अब तू ज़मीर अपना
तेरे दर की सवाली अब अच्छी नहीं लगती

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