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तुम्हारे लिए मेरी चाहत

तुम्हारे लिए मेरी चाहत…

Copy Bewafa Shayari

 

 

तुम्हारे लिए मेरी चाहत कभी कम न होती,
अगर तू इतनी संगदिल और बेरहम न होती।
तुम्हे अपने दिल में रखता और दिल में सजाता,
अगर तेरे झूठे वादे और झूठी कसम न होती।।

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हिंदी बेवफ़ा शायरी, तेरे सुर्ख होंठों

हिंदी बेवफ़ा शायरी, तेरे सुर्ख होंठों…

Copy Bewafa Shayari

 

 

तेरे सुर्ख होंठों पर ये लाली अच्छी नहीं लगती
तेरे हांथों में ये प्याली अच्छी नहीं लगती
ए बेवफा मत बदल अब तू ज़मीर अपना
तेरे दर की सवाली अब अच्छी नहीं लगती

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