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याद शायरी हिंदी में, वो मुझसे प्यार करते

याद शायरी हिंदी में, वो मुझसे प्यार करते…

Copy Yaad Shayari

 

 

वो मुझसे प्यार करते वो मेरे आज होते,
मेरी जिन्दगी के वो सरताज होते।

वो भी करते हमसे इज़हारे मुहब्बत,
छिपे उनके दिल में न कोई राज़ होते।

मेरे पास आते यकीं मुझपे करते,
जिन्दगी में उनकी हम हमराज होते।

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तुम्हारे लिए मेरी चाहत

तुम्हारे लिए मेरी चाहत…

Copy Bewafa Shayari

 

 

तुम्हारे लिए मेरी चाहत कभी कम न होती,
अगर तू इतनी संगदिल और बेरहम न होती।
तुम्हे अपने दिल में रखता और दिल में सजाता,
अगर तेरे झूठे वादे और झूठी कसम न होती।।

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आशियाँ ये हमारा तो गुलज़ार होता

आशियाँ ये हमारा तो गुलज़ार होता…

Copy Ghazal

 

 

आशियाँ ये हमारा तो गुलज़ार होता,
यू आ कर न जाते न बेज़ार होता।

कैसे मिले दिल को सुकून ये बताओ,
हदों में ही रहते हम न बेकरार होता।

कैसे रहे हम अब जुदा हो कर उनसे,
न खाते हम ठोकर न उनसे प्यार होता।

कैसे बयां करू अब मै उन लफ्ज़ो को,
खामोश ही रहते हम न इज़हार होता।

समेटी है खुशियां जिन्दगी में आ के ‘असद’,
अगर वो न जाते ये मौसमे बहार रहता।

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ये मेरी जिन्दगी इतनी उदास क्यों है

ये मेरी जिन्दगी इतनी उदास क्यों है…

Copy Ghazal

 

 

ये मेरी जिन्दगी इतनी उदास क्यों है,
गमों के सिलसिले ही मेरे पास क्यों है।

जी भर के देखा है इन आँखों ने सपनो को,
न जाने फिर भी नज़रों में प्यास क्यों है।

जो चाहता हॅू मै वो मिलता नहीं मुझे,
किसी की चाहतो की दिल में आंस क्यों है।

जो ले जाते है मुझे ग़म के अन्धेरों में,
फिर भी हम उनके ही साथ क्यों है।

डूबा हुआ हूँ मैं यादों के समन्दर में,
लब सूखे हुए है खाली गिलास क्यों है।

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आये वो जिन्दगी में आ कर चले गये

आये वो जिन्दगी में आ कर चले गये…

Copy Ghazal

 

 

आये वो जिन्दगी में आ कर चले गये,
जैसे आंसमा पे बादल छा कर चले गये।

जीना भी साथ तेरे मरना भी साथ तेरे,
वो तो हज़ार कसमें खा कर चले गये।

जिन्दगी में ख्वाब तो देखे थे लाखों हमनें,
टूटे वो ख्वाब मेरे भुला कर चले गये।

दिल के करीब थे जो मेरा नसीब थे जो,
दूरियां वो दिल में बना कर चले गये।

आरज़ू थी दिल में ‘असद’ दिल में रह गयी,
आयना वो दिल को दिखा कर चले गये।

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हिंदी में ग़ज़ल, ऐ रब हमपे बस इतना करम कर दे

हिंदी में ग़ज़ल, ऐ रब हमपे बस इतना करम कर दे…

Copy Ghazal

 

 

ऐ रब हम पे बस इतना करम कर दे,
मेरे गमों में से कुछ गम कम कर दे।

न रहे मुझे कोई भी शिकवा ज़माने से,
सख्त दिलों को थोड़ा तू नरम कर दे।

रोशन हो जिन्दगी मेरी सारे ज़माने में,
मेरे चारों तरफ अन्धेरा है इसे कम कर दे।

सुना है तू सबका इम्तिहान लेता है,
कही टूट न जाऊ थोड़ा करम कर दे।

अपने पराये है या पराये है अपने,
कशमकश जिन्दगी की अब तो खत्म कर दे।

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मुझको करीब आकर यूँ देखा न कीजिए

मुझको करीब आकर यूँ देखा न कीजिए…

Copy Ghazal

 

 

मुझको करीब आकर यूँ देखा न कीजिए,
ऐसा न कीजिए अभी ऐसा न कीजिए।

मैं मर रहा हूँ और ज़रा उनको देखना,
कहते है हुस्न को अभी तन्हा न कीजिए।

उनकी समझ में आया न, सौ बार कह चुका,
गैरों के सामने मुझे देखा न कीजिए।

नज़रे तो मेरी रूसवाओ बदनाम है मगर,
उनसे नहीं ये कहते नज़ारा न कीजिए।

जो जी में आये कीजिए अल्लाह के लिए,
यूॅ सब के सामने मुझे रूसवा न कीजिए।

मेरा दिल चुरा के कहते है वो ‘असद’
आया न कीजिए दिल में जाया न कीजिए।

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